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कोटा में कालीसिंध नदी की पुलिया के पास के खनन पट्टे को निरस्त करने के निर्देश -उद्योग मंत्री

Last Updated on March 6, 2020 by Shiv Nath Hari

कोटा में कालीसिंध नदी की पुलिया के पास के खनन पट्टे को निरस्त करने के निर्देश-उद्योग मंत्री 

जयपुर, 6 मार्च। उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीना ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि कोटा जिले के ग्राम बड़ैेद में कालीसिंध नदी पर स्टेट हाईवे 70 पर बनी पुलिया के पास खनन के लिए दिए गए पट्टे को निरस्त किया जाएगा। 

श्री मीना ने शून्यकाल में विधायक श्री भरत सिंह कुन्दनपुर की ओर से इस संबंध में रखे गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का खान मंत्री की ओर से जवाब देते हुए कहा कि कथित रूप से नियम विरुद्ध खनन लीज देने संबंधी इस खनन पट्टे को निरस्त करने के संबंध में खान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। 


इससे पहले श्री मीना ने इस संबंध में अपने लिखित वक्तव्य मेें बताया कि कोटा जिला के ग्राम बड़ौद के पास उक्त पुलिया की अपस्ट्रीम में पुलिया से लगभग 100 मीटर की दूरी पर एक खनन पट्टा खनिज मेसेनरी स्टोर क्षेत्र 10000 वर्ग मीटर एमएल नम्बर 7/2012 निकट ग्राम बम्बूलिया तहसील पीपल्दा जिला कोटा में अवधि दिनांक 9 फरवरी 2018 से 8 फरवरी 2068 तक के लिए श्री गिरिराज प्रसाद मीणा पुत्र श्री रामप्रसाद मीणा निवासी ढीबरी  तहसील पीपल्दा जिला कोटा के पक्ष में प्रभावशाली है। 

  
उन्होंने बताया कि उक्त खनन पट्टे के संबंध में जल संसाधन विभाग, कोटा द्वारा पत्र दिनांक 23 फरवरी 2019 से अवगत कराया गया कि खनन पट्टा क्षेत्र में खनन कार्य से कालीसिंध नदी बहाव क्षेत्र को अवरूद्ध किया जा रहा है व नदी किनारों को काटे जाने से पानी का दबाव इस हिस्से में बढ़ने से खनन क्षेत्र के नीचे कोटा श्योपुरा स्टेट हाईवे की पुलिया की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की गई है। उक्त पत्र के क्रम में क्षेत्र का मौका निरीक्षण 25 फरवरी 2019 को किया गया जिसमें पट्टाधारी द्वारा किए जा रहे खनन कार्य से नदी के किनारे कटने की संभावना बताई तथा खनन कार्य से पानी का बहाव अवरुद्ध होना नहीं पाया, परंतु नदी के किनारे खनन पट्टा क्षेत्र के पास में ऑवरबर्डन/मिट्टी डालकर समतल की हुई है जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध होने की संभावना बताई गई है।      


श्री मीना ने बताया कि 22 मई, 2019 को खनन पट्टा क्षेत्र का खान एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पुनः निरीक्षण किया गया, जिसमें खनन कार्य नदी में पानी के किनारे से 45 मीटर दूरी पर एवं खनन पट्टा क्षेत्र से निकली गई मिट्टी पट्टाधारी द्वारा खनन पट्टे के पास में नदी के किनारे की तरफ डाली गई एवं इसको समतल कर कच्चा रास्ता बनाया गया है। राजस्व विभाग के अनुसार डाली गई मिट्टी खसरा नंबर 2 व 3 में भूमि किस्म तीर है, जो नदी का बहाव क्षेत्र है। खनि अभियंता, कोटा द्वारा 29 मई 2019 से पट्टेधारी को नोटिस जारी किया गया एवं पालना नहीं करने पर खनन पट्टा खंडित करने की हिदायत दी गई। 

  
उन्होंने बताया कि क्षेत्र का निरीक्षण पुनः 17 फरवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटा, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग, कोटा एवं खनि अभियंता, कोटा द्वारा किया गया। निरीक्षण में खनन कार्य पानी के किनारे से लगभग 80 मीटर तथा नदी की पुलिया से लगभग 130 मीटर की दूरी पर किया जाना पाया गया।

पट्टाधारी द्वारा खान से निकाली गई मिट्टी नदी के तीर क्षेत्र व नदी क्षेत्र में डाली हुई पाई गई तथा नदी के तीर क्षेत्र में से निकाल कर खनिज निर्गमन किया जा रहा है। निरीक्षण में उत्खनन कार्य से नदी का बहाव परिवर्तित होने तथा इससे बारिश में पुलिया का एप्रोच रोड टूटने व पुलिया को क्षति पहुंचने की भी संभावना बताई गई।   

श्री मीना ने बताया कि पट्टाधारी द्वारा खनन का मलबा खनन पट्टा सीमा से बाहर गैर-मुमकिन नदी क्षेत्र व सिवायचक तीर क्षेत्र में डाले जाने, इससे पुलिया की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने तथा जनहानि होने की संभावना के मद्देनजर नोटिस 29 मई 2019 के क्रम में उसके द्वारा प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक मानते हुए उक्त खनन पट्टा खंडित करने हेतु 2 मार्च 2020 से प्रस्तावित किया गया जो प्रक्रियाधीन है।

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