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Bharatpur News: पंचायत समिति नगर एवं कामां सीमा क्षेत्रों में लगी धारा 144

Last Updated on March 4, 2020 by Shiv Nath Hari

भरतपुर, 03 मार्च। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिले में पंचायत राज आम चुनाव-2020 से शेष रही पंचायत समिति नगर एवं कामां की 42 ग्राम पंचायतों में पंच एवं सरपंच पद के लिये 15 मार्च को होने वाले मतदान की प्रक्रिया के दौरान आयोजित होने वाली चुनाव सभाएं, रैलियां, प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार होने तथा मतगणना एवं परिणाम घोषित होने के दौरान असामाजिक एवं साम्प्रदायिक तत्वों द्वारा तनाव उत्पन्न करने एवं भावनाएं भडकाने से लोकशांति एवं कानून व्यवस्था भंग होने को मद्देनजर रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट नथमल डिडेल ने सम्बंधित सीमा क्षेत्र में भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 जिले की पंचायत समिति नगर एवं कामां के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में 3 मार्च से प्रभावी रहेगी जो 31 मार्च को प्रातः 10.30 बजे तक प्रभावी रहेगी।


जारी आदेश में बताया गया है कि इस अवधि में कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से अपने साथ सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र जैसे रिवाॅल्वर, पिस्टल, रायफल, बंदूक, अन्य धारदार हथियार, गरसा, फरसा, कृपाण, बरछी, चाकू, गप्ती, त्रिशुल, संगीन पंजा तथा लाठी, डंडा, पत्थरर्, इंट आदि को न ही साथ लेकर चलेगा और न ही उसका प्रदर्शन करेगा। परन्तु वे व्यक्ति जो विकलांग, अंधे, अपाहिज एवं अतिवृद्ध हैं लाठी का सहारा ले सकंेगे। सिक्ख समुदाय के लोगों को धार्मिक परम्पराओं के अनुसार कृपाण धारण करने की छूट रहेगी। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्रों को नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाये जाने अथवा शस्त्र को पुलिस थाना में जमा कराये जाने हेतु ले जाये जाने पर लागू नहीं होगा। सरकार ड्यूटी पर तैनात अपने पदीय दायित्वों को निर्वहन करने वाले राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों/पुलिस/सशस्त्र बलों के सदस्य अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए अपने पास हथियार रखने हेतु अधिकृत हैं।

कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक अथवा किसी सम्प्रदाय विशेष को ठेस पहुंचाने वाले पोस्टर, बैनर, पम्पलेट या अन्य इसी तरह की सामग्री का प्रकाशन नहीं करेगा तथा कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर उत्तेजक, आपत्तिजनक या किसी समुदाय, सम्प्रदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे नहीं लगायेगा, भाषण नहीं देगा तथा एम्पलीफायर, रेडियो टेप रिकाॅर्डर, आडियो वीडियो कैसेट, सीडी एवं अन्य किसी दृश्य श्रव्य इलैक्ट्राॅनिक साधनों तथा इंटरनेट व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार नहीं करेगा न ही कोई अफवाह फैलायेगा। किसी भी व्यक्ति, समुदाय या राजनैतिक पार्टी द्वारा अपने क्षेत्र के संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट से वैध अनुमति लेकर ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग किया जा सकेेगा।

किसी भी रैली, जुलूस, आमसभा या नुक्कड नाटकों का आयोजन बिना उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। परन्तु यह प्रतिबंध धार्मिक प्रवृत्ति के आयोजन, त्यौहारों, विवाह समारोह एवं शव यात्रा पर लागू नहीं रहेगा। कोई भी व्यक्ति एवं राजनैतिक दल मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरूद्वारों व अन्य पूजा स्थलों को चुनाव प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति इस दौरान किसी भी प्रकार का घातक रसायन, एवं घातक तरल पदार्थ तथा विस्फोटक सामग्री लेकर नहीं चलेगा। सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी वाहन का चुनाव कार्य हेतु उपयोग नहीं करेगा। सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी/उपखण्ड मजिस्ट्रेट की बिना अनुमति ध्वनि प्रसारण यंत्र (लाउड स्पीकर) का उपयोग नहीं करेगा तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउड स्पीकर का उपयोग नहीं करेगा।


धारा 144 की अवधि के दौरान मतदान दिवस मतदान केन्द्र एवं मतगणना केन्द्र के 200 मीटर की दूरी की परधि के अन्दर किसी भी प्रकार के मोबाईल, सैल फोन, वायरलैस का उपयोग नहीं करेगा और न ही लेकर चलेगा यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारी व अन्य कर्मचारी अधिकारियों पर लागू नहीं रहेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थल पर मदिरा सेवन नहीं करेगा और न ही करवायेगा तथा न ही मदिरापान के लिए पे्ररित करेगा। पंचायत राज संस्थाओं के लिए आम चुनाव (मतदान दिवसों) को जिले में जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना बाहरी व्यक्तियों के आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
जिला मजिस्ट्रेट ने जारी आदेश में बताया गया है कि यह आदेश सम्बंधित सीमा क्षेत्र में रह रहे अथवा मौजूद सभी व्यक्तियों पर लागू होगा एवं उन्हें इसकी पालना करनी होगी। आदेश की अवहेलना करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत अभियोजन की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।


आदेश की तामील प्रत्येक व्यक्ति तक सम्यक समय में कराया जाना संभव न होने के कारण आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों के माध्यम से कराकर आमजन को सूचित किया जाता है।

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