Bharatpur News: घूंघट मुक्त भरतपुर कार्यशाला का आयोजन किया

Bharatpur News: घूंघट मुक्त भरतपुर कार्यशाला का आयोजन किया

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Last Updated on March 5, 2020 by Shiv Nath Hari

Bharatpur News: घूंघट मुक्त भरतपुर  कार्यशाला का आयोजन किया
Bharatpur News: घूंघट मुक्त भरतपुर कार्यशाला का आयोजन किया

Bharatpur News:भरतपुर, 05 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के तहत महिला अधिकारिता विभाग के तत्वाधान में गुरूवार को घूंघट प्रथा उन्मूलन हेतु गैर शासकीय संगठनो के सहयोग एवं सहभागिता पर घूंघट मुक्त भरतपुर  कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में अतिथियों द्वारा घूंघट प्रथा उन्मूलन हेतु ‘‘अब घूंघट नही‘‘ पोस्टर का विमोचन किया एवं हस्ताक्षर अभियान व घूंघट उन्मूलन हेतु शपथ ली गई की गई।


कार्यक्रम में जिले में कार्यरत स्वयं सेवी संस्थाओ के प्रतिनिधियों, नेहरू युवा केन्द्र के प्रतिनिधियों, विभिन्न समाजो के प्रतिनिधियो सहित अन्य लोगो ने भाग लिया।  
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक अमित गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार खासकर मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता में राजस्थान की महिलाओं को घंूघट से मुक्ति दिलाकर घंूघट मुक्त राजस्थान का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि अभियान के रूप में हस्ताक्षर करना ही आपका संकल्प है कि आप घूंघट प्रथा का त्याग स्वंय करंेगे एवं अन्य को भी प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में शपथ लेकर पालना करना भी आवश्यक है तभी आपकी विश्वसनीयता बनी रहेगी। शपथ का मतलब आपका विश्वास हांसिल करना है। साथ ही घंूघट के दुष्परिणामों के बारे में अन्य लोगों को भी बतायें। उन्होंने महिलाओं के दोहरे जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि कार्यस्थल पर महिलाएं घूंघट मुक्त लेकिन परिवारों में घूंघट करना यह महिलाओं के दोहरे जीवन का स्वरूप है इससे मुक्ति के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे । उन्होंने रारह सरपंच से आग्रह किया कि वे रारह को घूंघट मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करायें तथा इसमें स्वंय सहायता समूहों एवं स्वंयसेवी संस्थानों का भी सहयोग लें।


कार्यकम में एसएचओ थाना कोतवाली श्रद्धा पचैरी ने कहा कि प्राचीनकाल में महिलाएं पूर्णतः सशक्त थी लेकिन आक्रान्ताओं के कारण पर्दा में रहने को विवश होना पडा और बाद में ये परम्परा बन गयी। उन्होंने कहा कि घूंघट कोई सम्मान का प्रतीक नहीं है परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान माता-पिता के रूप में खुले मन से करते हैं फिर सुसराल में घूंघट ही क्यों सम्मान का प्रतीक है।


कार्यक्रम में रारह सरपंच कुसुम सिह ने घूंघट प्रथा उन्मूलन हेतु अभिप्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन यूनिसेफ के प्रतिनिधि निरपेन्द्र सिह ने किया।

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