संघ के विधान के विपरीत, अनुचित एवं अशोभनीय आचरण अपनाने वाले पदाधिकारी जगेश्वर शर्मा हुए निलंबित

Last Updated on May 18, 2022 by Swati Brijwasi

संघ के विधान के विपरीत, अनुचित एवं अशोभनीय आचरण अपनाने वाले पदाधिकारी जगेश्वर शर्मा हुए निलंबित

भरतपुर,18 मई 2022 | राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के तत्कालीन प्रांतीय पदाधिकारी जगेश्वर शर्मा द्वारा संगठन के विधान एवं आचार संहिता के प्रति अपनाए गए अनुचित एवं अशोभनीय रवैये के कारण, विभागीय कार्रवाई करते हुए संस्कृत शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया है |

जिलाध्यक्ष बाबूलाल कटारा ने बताया कि संघ के प्रान्तीय कार्यालय से प्रेषित पत्र के अनुसार, संगठन के विधान एवं आचार संहिता के खिलाफ आचरण अपनाने वाले पदाधिकारी जगेश्वर शर्मा, निरंतर संगठन के प्रति अनुचित आचरण अपनाते चले आ रहे थे उनके इस आचरण को जब संगठन के प्रदेशाध्यक्ष के संज्ञान में लाया गया तो प्रांतीय कार्यालय द्वारा संस्कृत शिक्षा विभाग के निदेशक को शिकायत की गई जिस पर संज्ञान लेते हुए आज उन्हें विभागीय जांच होने तक निलंबित कर, इनका मुख्यालय कार्यालय संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी, संस्कृत शिक्षा अजमेर संभाग कर दिया गया है |

इससे पूर्व जगेश्वर शर्मा अध्यापक, लेवल प्रथम, सामान्य के पद पर राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय विद्यालय खोखावास, सांगानेर, जिला जयपुर में पदस्थापित थे | प्रदेश नेतृत्व द्वारा पूर्व में कई बार जगेश्वर शर्मा को संगठन की आचार संहिता का पालन करने की नसीहत दी जा चुकी थी लेकिन बार-बार वे संगठन की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचा रहे थे जिसके कारण उन्हें पूर्व में ही संघ से भी निलंबित किया जा चुका है, संगठन के प्रदेश सभाध्यक्ष अशोक पाराशर ने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी को संगठन की कार्यशैली, विधान एवं आचार संहिता का अक्षरश: पालन करना होगा, साथ ही पद की गरिमा एवं उसकी जिम्मेदारी बखूवी निभानी पडेगी | अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी | श्री पाराशर ने कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को शिक्षा,शिक्षक एवं शिक्षार्थी के प्रति निर्धारित, संघ के संगठनात्मक लक्ष्यों के आधार पर कार्य करने की नसीहत प्रदान की |

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