दिक्षिता के कंठ में जंहा सरस्वती का वास,वहीं विध्या की देवी मां विणा वादिनि की भी असीम कृपा

Last Updated on May 17, 2022 by Swati Brijwasi

दिक्षिता के कंठ में जंहा सरस्वती का वास,वहीं विध्या की देवी मां विणा वादिनि की भी असीम कृपा

Where Saraswati resides in Dikshita's throat, there is also immense grace of Veena Vadini, the goddess of Vidya.

कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र सोनी की क़लम से,,

दिक्षिता के कंठ में जंहा सरस्वती का वास,वहीं विध्या की देवी मां विणा वादिनि की भी असीम कृपा,गायन कला के साथ साथ पढ़ाई लिखाई में भी दिक्षिता पुरी तरह दक्ष, कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो , वहीं प्रतिभा किसी की मौहताज नहीं होती, यदी मनुष्य सच्चे मन से लगन मेहनत कर ऊंचाईयों के मुकाम तक पंहुच ही जाता है वहीं माता पिता के संस्कार व ईश्वरीय शक्ति भी ऐसे हुनरमंद को आगे बढ़ने में मदद गार साबित होती है

आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के,छोटे से गांव में जन्मी दिक्षिता पटेल के जज्बे को सलाम करते हुए ,इस नन्ही गायिका की और पाठकों का शोशल मिडीया के माध्यम से ध्यान आकर्षित करवा रहें हैं दिक्षिता की जन्म तिथि15,7,2010हे यानी दिक्षिता पटेल वर्तमान में 12वर्ष की हे तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नादिया में कक्षा सातवीं में अच्छे नंबर से उत्तिर्ण हुई है दिक्षिता गायन कला में में भी निपुण हैं दिक्षिता अपने गायन कला को ऊंचाईयों तक पहुंचना चाहतीं हैं

दिक्षिता पटेल ने अनेकों स्टेज पर गित भजन गरबों से अपनी कला को संवारा है छोटी सी उम्र में दिक्षिता पटेल आगे बढ़ने में दिन रात अग्रसर है दिक्षिता पटेल के पिता मानसिंग पटेल व माता प्रमिला भी इस नन्ही बिटिया के होसले को देखते हुए दोनों दिक्षिता को आगे बढ़ाने ने में भरपुर सहयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं दिक्षिता पटेल का कोई भाई नहीं है,दिक्षिता पटेल की बहनें हे दिक्षिता पटेल संत श्री रघुवीर दास महाराज को अपना आदर्श मानती है वो गायन कला में बहुत आगे निकल कर माता पिता व गुरु का नाम रोशन करना चाहतीं हैं

आईये हम सभी इस कम उम्र की गितकार को क्यों ना आगे बढ़ने में मददगार बने दीक्षिता पटेल के पिता मानसिंह पटेल ने हमें बताया कि दिक्षिता पटेलयूपीएस स्कूल नांदिया जो कि दिक्षिता पटेल गांव से 2 किलोमीटर दूर पढ़ाई करने के लिए जाती है उसका मुख्य उद्देश गरीब परिवार के बच्चे भी मेरी तरह आगे बढ़े और उपढ़ाई करती है और वह स्कूल में एडमिशन लेने का कारण यह है कि आदिवासी बच्चों के साथ पढ़ाई करने का कारण मेरी तरह वह बच्चे भी आगे बढ़े यह लक्ष्य लेकर उस स्कूल में एडमिशन लिया है

जोकि बांसवाड़ा में जानी-मानी स्कूल लियो इंटरनेशनल मैं पढ़ाई करती थी वहां से निकलकर नांदिया उस स्कूल में एडमिशन लिया उसने गरीब बच्चों के साथ पढ़ना है फिर नांदिया उस स्कूल में उसको एडमिशन दिया एग्जाम के समय पर भी उसने अपनी भक्ति से जुड़े हुए गीतों के माध्यम से रात्रि को भी प्रोग्राम देती सुबह में एग्जाम भी दिए फिर भी अच्छा परसेंटेज बनाया है दीक्षिता से सबसे बड़ी बहन भूमिका कक्षा आठवीं में है दूसरी बहन संजना पटेल कक्षा आठवीं में और सबसे छोटी बहन साक्षी पटेल कक्षा पहली में अध्ययन करती है पिता का नाम मानसिंह मां का नाम है प्रमिला दीक्षिता पटेल सहित वह चारों बहन ने ही है सर पर भाई का सहारा नहीं है गांव सियापुर जिला बांसवाड़ा तहसील बांसवाड़ा राजस्थान मानसिंह पटेल ने बताया कि मेरी 4 बिटिया है जिसमें गायिका दिक्षिता पटेल धर्म जागरण में लगी हुई है और भजनों के साथ धर्म जागरण और गौ माता की रक्षा करना अपना धर्म है यही संदेश देती है दीक्षिता पटेल ने बताया है कि हम चार बहने हैं मैं तीसरे नंबर की हूं मेरा काम है धर्म जागरण करना मैं भक्ति भाव में जुड़ी हूं

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