फसल बीमा में केन्द्र व राज्यांश जमा होने पर डीबीटी के माध्यम से किसान को स्वतः ही भुगतान-कृषि मंत्री

Last Updated on March 6, 2020 by Swati Brijwasi

जयपुर, 6 मार्च। कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भारत सरकार की गाइड़ लाइन के अनुसार इसमें राशि जमा कराने की कोई कट ऑफ डेट नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कट ऑफ डेट केवल किसान के लिए बीमा कराने की होती है।
श्री कटारिया शून्यकाल में इस संबंध में उठाये गये मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दी गई व्यवस्था के बाद अपने जवाब में कहा कि राज्य में खरीफ 2018 एवं रबी वर्ष 2018-19 तक की प्रीमियम का पूर्ण राज्यांश का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ वर्ष 2019 एवं वर्ष 2019-20 का भी पार्ट पेमेंट 400 करोड़ रुपये का राज्यांश का भुगतान कर दिया गया है।


उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में किसान द्वारा बीमा कराने की कट ऑफ डेट खरीफ फसल की 31 जुलाई होती है। इसके बाद कोई बीमा नहीं होता है। इसी प्रकार रबी फसल की कट ऑॅफ डेट 31 दिसम्बर होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की गाइड़ लाइन के अनुसार ऎसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसान को भुगतान नहीं होगा।
श्री कटारिया ने यह भी स्पष्ट किया कि फसल बीमा योजना में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की हिस्सा राशि जमा हो जाती है तो बीमा कंपनी द्वारा किसान को स्वतः ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता है।

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