हैण्डलूम उत्सव: कोटा डोरिया जीआई टेगिंग, सांगानेरी और बगरु प्रिंट को भी जीआई से मिली विशिष्ठ पहचान

हैण्डलूम उत्सव: कोटा डोरिया जीआई टेगिंग, सांगानेरी और बगरु प्रिंट को भी जीआई से मिली विशिष्ठ पहचान

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Last Updated on March 3, 2020 by Shiv Nath Hari

हैण्डलूम उत्सव: कोटा डोरिया जीआई टेगिंग, सांगानेरी और बगरु प्रिंट को भी जीआई से मिली विशिष्ठ पहचान
हैण्डलूम उत्सव: कोटा डोरिया जीआई टेगिंग, सांगानेरी और बगरु प्रिंट को भी जीआई से मिली विशिष्ठ पहचान

जयपुर, 3 मार्च। राजस्थान हैण्डलूम डवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हैण्डलूम उत्सव में नेशनल अवार्डी हस्तशिल्प बुनकरों के साथ ही देश-दुनिया में विशिष्ठ पहचान रखने वाले जीआई टेग प्राप्त हस्तशिल्प उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित व बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। 
आरएसडीसी की प्रबंध संचालक सुश्री शुभम चौधरी ने बताया कि जीआई टेगिंग अपने आप में गौरव की बात होने के साथ ही उत्पाद विशेष की गुणवत्ता और ओरिजनलिटी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि हैण्डलूम उत्सव के माध्यम से जयपुरवासियों को हस्तशिल्प बुनकरों के उत्पादों से रुबरु कराने का अवसर मिला है।


कोटा डोरिया जियोग्राफिकल इण्डिकेशन (जीआई) रजिस्टर्ड होने के साथ ही उत्पाद पर लोगो को प्रदर्शित होता है। तीन दिवसीय हैण्डलूम उत्सव में हिस्सा ले रहे नेशनल अवार्ड पुरस्कार से सम्मानित कैथून के श्री नसरुददीन अंसारी ने बताया कि राजस्थान के हाडौती के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ के 11 गांवों में बनने वाले कोटा डोरिया को जियोग्राफिकल इण्डिकेशन प्राप्त होने के साथ ही कोटा डोरिया का लोगो भी जारी किया हुआ है। उन्होंने बताया कि विदेशों के साथ ही दक्षिणीभारत में राजस्थान के कोटा डोरिया की खास पहचान है। दक्षिण में डोरिया साड़ी को कांजीवरम के बराबर माना जाता है यही कारण है कि इसकी खासा मांग रहती है। हैण्डलूम उत्सव में 3 हजार से 50 हजार तक की डोरिया साड़ियां प्रदर्शित की गई है। उन्होंने बुनावट की जानकारी देते हुए बताया कि डोरिया स्कायर में 14 ताने-बाने में बुना जाता है। 50 हजार की साड़ी में गोल्ड-सिल्वर का काम भी है।


कोटा डोरिया की ही तरह प्रदेश क सांगानेरी प्रिंट की अपनी विशिष्ठ पहचान और बगरु ब्लॉक प्रिंट की भी विशिष्ठ पहचान के कारण जीआई टेग मिला गया है। नेचूरल डाई और रंग संयोजन के साथ ही बेलबूटों व डिजाइन की अलग पहचान के कारण जीआई टेगिंग क्षेत्र विशेष की पहचान दर्शाता है।


तीन दिवसीय हैण्डलूम उत्सव में कोटा डोरिया, मुगल प्रिंट, मैसूरी, आकोला, जरी, चंदेरी, बगरु पिंट व प्रिटेंड साड़ियों के साथ ही खेस, सांगानेरी, बाड़मेरी, बगरु प्रिंट की बेडशीट, दोहर, जयपुरी रजाइयां, युवतियों के कुर्तें, स्ट्रॉल, दुपट्टे, कुर्ता-पायजामा, शर्ट सहित परिधान व अन्य उत्पाद शोकेस करने के साथ ही बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।
आरएसडीसी के महाप्रबंधक श्री नायब खान ने बताया कि हैण्डलूम उत्सव सी-स्कीम स्थित चौमू कोठी, चौमू हाउस का बुधवार को अंतिम दिन है। आरएसडीसी के उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक छूट भी दी जा रही है। 

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