उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर ने किया बेलर मशीन प्रदर्शन एवं गौठान का निरीक्षण

Last Updated on May 14, 2020 by Shiv Nath Hari

उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर ने किया बेलर मशीन प्रदर्शन एवं गौठान का निरीक्षण

Uttar Bastar Kanker: Collector inspects baler machine demonstration and Gothan

उत्तर बस्तर कांकेर (14 मई 2020) कलेक्टर श्री के.एल.चौहान ने चारामा विकासखण्ड के ग्राम आंवरी, लखनपुरी, कांकेर विकासखंड के ग्राम गढ़पिछवाड़ी, माटवाड़ालाल, सरंगपाल एवं नरहरपुर विकासखंड के मानिकपुर गौठानों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रीष्म कालीन धान लेने वाले किसानो से कृषि अभियांत्रिकी कांकेर द्वारा किये जा रहे आधुनिक बेलर मशीन द्वारा फसल अवशेष (पैरा) से बंडल तैयार किये जाने का प्रदर्षन का अवलोकन किया।

ग्राम आंवरी के कृषक श्री घनष्याम यादव एवं श्री खेलन जैन के 02 एकड़ रकबा वाले खेत में बेलर मषीन का प्रदर्षन किया गया, जिसमे 50 नग बंडल का प्रदर्षन किया गया जिसका कलेक्टर श्री चौहान ने अवलोकन किया। कलेक्टर ने प्रदर्षन से इकट्ठा किये गये पैरा बेल को नजदीक के गौठानो में गौठान समिति द्वारा परिवहन कर पषुओं के चारा हेतु उपयोग किये जाने के लिए निर्देषित किया। किसानो के खेतो में बेलर मषीन द्वारा पैरा इकट्ठा करने हेतु निषुल्क प्रदर्षन कृषि अभियांत्रिकी  विभाग द्वारा किया गया।

इसके पहले कृषक हार्वेस्टर से फसल कटाई उपरांत खेत में बचे पैरा को जला देते थे, इससे पर्यावरण प्रदुषण होता है एवं मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है  बेलर मशीन का उपयोग किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। बेलर मषीन के प्रदर्षन अवलोकन उपरांत कलेक्टर श्री चौहान ने आंवरी में स्थित गौठान का निरीक्षण किया।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान गौठान समिति एवं अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि गौठान को मल्टी एक्टीविटी सेन्टर के रूप में विकसित किया जाये, जिसमें मछली पालन, मुर्गी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, मषरूम एवं सब्जी उत्पादन इत्यादि कार्य से  समूह की महिलायें आत्म निर्भर होकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकें।  

निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर सुश्री रेना जमील, उप संचालक कृषि एन.के. नागेश, सहायक कृषि अभियंता एच.एल.देवांगन, सहायक संचालक कृषि सुरज पंसारी, जनपद पंचायत चारामा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.एस.बढ़ाई, सरपंच लक्ष्मीकांत कावड़े, गौठान समिति के सदस्यगण, कृषि अभियांत्रिकी के मैदानी कर्मचारी और कृषकगण मौजूद थे।