किसानों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये बायोमैट्रिक सत्यापन के स्थान पर ओटीपी से होगा पंजीयन

Last Updated on March 17, 2020 by Shiv Nath Hari

  • समर्थन मूल्य पर खरीद
  • किसानों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये सहकारिता विभाग ने किया बदलाव
  • बायोमैट्रिक सत्यापन के स्थान पर ओटीपी से होगा पंजीयन
  • बुधवार से शुरू होगा सरसों एवं चने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन      

जयपुर, 17 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने मंगलवार को बताया कि राज्य में सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए बुधवार 18 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किये जायेंगे। कोटा संभाग के किसानों के लिए  6 मार्च से ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिये बायोमैट्रिक सत्यापन से होने वाले पंजीयन में परिवर्तन कर इसे ओटीपी के माध्यम से किया गया है।   

श्री आंजना ने बताया कि खरीद के लिये ई-मित्र एवं सम्बिंन्धत खरीद केन्द्रों पर किसानों को पंजीयन के लिये बायोमैट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य था। उन्होंने बताया कि विश्व में महामारी के रूप में यह बीमारी फैल रही है तथा राज्य के किसान परिवार इस संक्रमण से प्रभावित नहीं हो इसके लिये ओटीपी के आधार पर पंजीयन सुनिश्चित किया गया है। 

  प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री नरेश पाल गंगवार ने बताया कि खरीद केन्द्रों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि खरीद के दौरान भीड़भाड़ की स्थिति नहीं बने तथा सुचारू रूप से खरीद भी हो जाये और संक्रमण से बचाव भी हो जाये। उन्होंने बताया कि खरीद के दौरान 50 से अधिक किसानों का इक्कठे नहीं हों इसको सुनिश्चित किया जायेगा। 

प्रबंध निदेशक, राजफैड श्रीमती सुषमा अरोड़ा ने बताया कि किसान ई-मित्र केन्द्र या संबंधित खरीद केन्द्र पर रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। इसके लिए किसान को अपनी पहचान के रूप में आधार कार्ड,जनआधार/भामाशाह कार्ड, फसल संबंधी दस्तावेज के लिए गिरदावरी तथा बैंक खाते की पासबुक की फोटोप्रति लेकर जानी होगी तथा गिरदावरी के पी-35 का क्रमांक एवं दिनांक भी अपलोड करवाना होगा। उन्होंने बताया कि जो किसान अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहा है उसे स्वयं ई-मित्र केन्द्र पर जाना होगा और अपना अभिप्रमाणन करवाना होगा। उसके पश्चात् ही किसान का रजिस्ट्रेशन संभव होगा।   

श्रीमती सुषमा अरोड़ा ने बताया कि एक मोबाइल नम्बर पर एक ही किसान का पंजीयन किया जायेगा तथा पंजीयन का कार्य प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि किसान की कृषि भूमि जिस तहसील में होगी उसी तहसील के कार्यक्षेत्र में आने वाले खरीद केन्द्र का चयन रजिस्ट्रेशन के दौरान कर सकेगा। उन्होंने बताया कि किसान को उसकी पंजीकरण दिनांक के आधार पर सॉफ्टवेयर द्वारा वरीयता के अनुसार तुलाई हेतु दिनांक एवं जिन्स की मात्रा का आवंटन किया जायेगा तथा इसकी सूचना किसान के पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस द्वारा दी जायेगी।