Teacher is the greatest creator of society, who makes human life worth living by filling sanskars - Shri Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj

शिक्षक समाज का सबसे बड़ा रचनाकार है जो मनुष्य के जीवन में संस्कार भरकर जीने योग्य बनाता है – श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज

Last Updated on September 20, 2021 by Shiv Nath Hari

शिक्षक समाज का सबसे बड़ा रचनाकार है जो मनुष्य के जीवन में संस्कार भरकर जीने योग्य बनाता है – श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज

Teacher is the greatest creator of society, who makes human life worth living by filling sanskars - Shri Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj
शिक्षक समाज का सबसे बड़ा रचनाकार है जो मनुष्य के जीवन में संस्कार भरकर जीने योग्य बनाता है – श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज

भरतपुर लायंस क्लब भरतपुर सेंचुरी के द्वारा शिक्षकों के सम्मान में आयोजित गुरु वंदना समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने 1 घंटे की धारा प्रवाह प्रवचन ओं में बोलते हुए कहा कि ईश्वर मनुष्य को जन्म देता है परंतु उसको संस्कार गुरु के द्वारा ही प्रदान किए जाते हैं जो उसे संसार में समाज में जीवन जीने की कला सिखाते हैं, बिना संस्कार के मनुष्य एक निर्जीव प्राणी के अतिरिक्त कुछ भी नहीं होता। जैसे कुमार एक साधारण मिट्टी से मेहनत कर कोई भी सुंदर से सुंदर वस्तु बना सकता है उसी प्रकार गुरु समाज की संरचना करता है। बिना गुरु के संस्कारवान जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती उन्होंने कहा मनुष्य की सबसे बड़ी गुरु उसकी मां है और गुरु का स्थान परब्रह्म परमात्मा से भी ऊपर है। उन्होंने वेदों पर आधारित गुरु विश्वामित्र आदि के उदाहरण प्रस्तुत किए उन्होंने कहा कोई भी मनुष्य गुरु के ऋण से उन्मुक्त नहीं हो सकता। शिक्षकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि आज गुरु के गिरते हुए सम्मान की रक्षा कर उसे पुनः स्थापित करने के दायित्व का भी निर्वाहन करना होगा।

गुरु वंदना में बोलते हुए लायंस क्लब सेंचुरी के अध्यक्ष श्रीनाथ शर्मा ने स्वामी जी का स्वागत करते हुए बताया जिस व्यक्ति ने छह माह की अवस्था में मंत्र उच्चारण वह 2 वर्ष की अवस्था में रामचरितमानस को कंठस्थ करने वाला व्यक्ति कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षक का ब्रह्मा विष्णु महेश से भी ऊंचा स्थान प्राप्त है। विद्वान का सम्मान उससे बड़ा विद्वान करें तो वह सम्मान सार्थक होगा समारोह में मदन गोपाल शर्मा एवं विनोद सिंघल विशिष्ट अतिथि थे। समारोह में सम्मानित शिक्षकों ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें जिस महान विभूति ने सम्मानित कर आशीर्वाद दिया है वह हमारे जीवन की एक उत्कृष्ट स्मृति है जिसे हम जीवन भर नहीं भुला सकते। स्वामी जी जैसे विद्वानतम व्यक्ति से सम्मान पाकर हम अत्यंत गौरवान्वित हैं और यह हमारे लिए जीवन की एक धरोहर है।
समारोह में पुष्पेंद्र चंसोरिया एडवोकेट व उनके पुत्र प्रगितया का स्वामी जी के सानिध्य में जन्म दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बृजेश चतुर्वेदी एडवोकेट ने अपनी लिखी पुस्तक भी भेंट की। समारोह में अन्य क्लबों के चार्जर अध्यक्ष भी आमंत्रित किए गए थे जिसमें रमेश चंद सिंघल, मोहन माहेश्वरी व कपिल गुप्ता का भी क्लब ने सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजीव कुमार सिंह ने एवं आभार भारत भूषण बंसल एडवोकेट ने किया। समारोह में आशा अग्रवाल दिनेश चंद शर्मा, हरिचरण शर्मा, मीरा शर्मा वह डॉ ममता शर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्लब के सदस्य डॉ अशोक गुप्ता, डॉ प्रीति सिंह, प्रहलाद गुप्ता, डॉ देवी सिंह, पीयूष टाईगर, जयपाल सोलंकी, दीप्ति शर्मा, कुसुम सोलंकी, बालकृष्ण शर्मा। इस शानदार कार्यक्रम का समापन रात्रि भोज के साथ संपन्न हुआ।

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