ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा आदरणीय दादी जी को मौन श्रद्धांजलि

Last Updated on April 9, 2020 by Shiv Nath Hari

ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा आदरणीय दादी जी को मौन श्रद्धांजलि

Silent tribute to respected grandmother by Brahmakumari organization
ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा आदरणीय दादी जी को मौन श्रद्धांजलि

भरतपुर (9 अप्रैल) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी डॉ.  दादी जानकी जी को सेवा केंद्र ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति भवन की तरफ से मौन तपस्या श्रद्धांजलि दी गई,|

दादी जी की जीवन की सफलता के मूलभूत सूत्र थे 104 वर्ष की आयु पाकर भी दादी जी विद्यार्थी जीवन सदा पालन करती रही, दादी जी सदैव सादगी सत्यता और संयम का स्वयं भी पालन करती थी और सभी को भी कराती थी दादी जी सदा प्रभु प्रेम में लीन रहती थी जिससे वह विश्व की स्थिर चित (मन) वाली महिला थी भारतीय संस्कृति के मूल्यों को पाश्चात्य में 140 देशों में दादी जी ने बड़ी सफलता के साथ शिव ध्वज फहराकर प्रमाणित किया,  दादी जी के विश्व वंदनीय बनने का  कारण उनकी ममतामई वात्सल्य पालना थी, 

दादी जी सम दर्शक वृत्ति दृष्टि रखती थी जिससे दादी व्यक्ति में विश्व और विश्व में आत्मा देखती थी, दादी जी इतने बड़े संस्थान की मुख्य होते हुए भी स्वयं  को परमात्मा की संतान शुद्ध आत्मा मानती थी, विश्व सेवा धारी समझकर निर्माण चित  निरंहकारी थी l अंतिम क्षण तक भी दादी जी प्रातः 4:00 बजे जागकर  विश्व कल्याण के प्रकम्पन्नों  को सृष्टि पर प्रवाहित करती थी,  दादी जी का प्रत्येक संकल्प बोल और कर्म आत्म उत्थान विश्वकल्याण और सृष्टि परिवर्तन हेतु होता था l दादी जी के लिए छोटे बड़े का कोई अंतर  नहीं था दादी जी के लिए सभी समान थे l

आदरणीय दादी जी सन 1956 में भरतपुर महाराजा से मिलने भरतपुर  पधारे थे l उसके पश्चात दादी जी के हृदय में भरतपुर पुनः  आने की प्रबल इच्छा थी,  दादी जी आज से लगभग 18 वर्ष पूर्व अपने आगरा प्रवास से लौटते समय भरतपुर आई और भरतपुर वासियों के लिए दादी जी ने दिल की दुआएं दी,  भरतपुर सेवा केंद्र की सेवाओं से आत्म संतुष्टि प्रकट की,  आज हम सभी भरतपुर क्षेत्र के  ब्रह्मा बच्चों की ओर से एवं भरतपुर के सभी नागरिक बंधुओं की ओर से दादी जी को शत शत नमन वन्दन  और आत्मसमर्पण करते हैं l

दादी जी हम सदैव आपके बताए मार्ग पर आपकी दी हुई शिक्षाओं पर मन वचन कर्म से पालन करते हुए आपकी आत्म उत्थान, विश्व कल्याण की सेवा को आगे बढ़ाते रहेंगे यह उदगार राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कविता दीदी,  संयुक्त प्रभारी,आगरा उप क्षेत्र,जिला प्रभारी भरतपुर ,  द्वारा दादी जी के 13 वे दिन पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शब्द सुमन अर्पित करते हुए व्यक्त किए l 

ब्रह्माकुमारी बबीता दीदी,  सह प्रभारी,  भरतपुर ने भी अपने शब्द सुमन अर्पित करते हुये कहा दादीजी हमेशा तीन बार ओमशांति   महा मंत्र का उच्चारण कराया  करती थी पहली ओम शांति मैं कौन हूं,  दूसरी ओम शांति मैं किसकी हूं,  तीसरी ओम शांति,  मै सृष्टि पर किस लिए आई हूं,के उदघोष कराती  थी l ब्रह्माकुमारी कमलेश बहन,  ब्रह्माकुमारी गीता बहन,  ब्रह्माकुमारी प्रवीणा बहन,  ब्रह्माकुमारी योग्यता बहन,  ब्रह्माकुमारी अनु बहन ने भी दादीजी  के प्रति हृदय उदगार  व्यक्त किए l

इस अवसर पर ब्रह्माकुमार जय सिंह भाई,  बालमुकुंद भाई, रणवीर भाई,  श्री राम भाई, ओम प्रकाश भाई आदि भी उपस्थित रहे, ओमशांति lईश्वरीय सेवा में