School Chale Hum: This Rajasthan school is no less than a private school.

Last Updated on July 11, 2020 by Shiv Nath Hari

पथैना पाठशाला का लुपिन की प्रेरणा से कायाकल्प

निजी स्कूल से कम नही पथैना का राउमावि
सरपचं स्नेहलता बृजेश व संस्था प्रधान लक्ष्मण डागुर की सराहना

School Chale Hum: This Rajasthan school is no less than a private school.
School Chale Hum: This Rajasthan school is no less than a private school.

हलैना:- भरतपुर रियासत के संस्थापक महाराजा सूरजमल के चचेरे भाई ठाकुर शार्दुलसिंह के गांव पथैना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का कायाकल्प होने से अब किसी निजी स्कूल से कम नही,स्कूल के नामाकंन बढोत्तरी व शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और पडौसी गांव के सरकारी स्कूल के संस्था प्रधान व गणमान्य नागरिक आदि स्वयं के गांव के स्कूल का कायाकल्प कराने की होड करने लगे।

राउमावि पथैना के संस्था प्रधान लक्ष्मणसिंह डागुर तथा ग्राम पंचायत के सरपंच स्नेहलता बृजेश सिंह ने लुपिन के अधिशासी निदेशक सीताराम गुप्ता से प्रेरणा लेकर भरतपुर संभाग में सर्वश्रेष्ठ दस की सूची में शामिल कराने का संकल्प लिया,जो सपना अब पूरा होने जा रहा है,आमजन सरपचं,संस्था प्रधान,लुपिन व भामाशाह आदि की सराहना करने लगे है।

संस्था प्रधान लक्ष्मणसिंह डागुर ने बताया कि गांव पथैना का राउमावि भरतपुर महाराजा बृजेन्द्रसिंह के शासनकाल है,गांव के भामाशाहों के सहयोग एवं विकास शुल्क पैसा से भवन बना,वजट के अभाव में भवन की हालत दयनीय हो गई,स्कूल के कमरा व बरामदा की दीवारों में दरारे पड गई,छत्त व दीवारों से सीमेन्ट गिरता और हल्की बरसात होने पर छत्त से पानी टपकने लगता है।

भवन की दयनीय हालत को देख जर्जर कमरा व बरामदा में छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगा रखी थी। उन्होने बताया कि लुपिन द्वारा जिले में कई राजकीय स्कूलों का जीर्णोद्वार करा कर कायाकल्प कराया और शैक्षिक व खेलकूद आदि के उपकरण मुहैया कराए,मनरेगा से कई स्कूल में खेल स्थल बनाए गए,गांव के सरपचं,पूर्व सरपचं सहित गणमान्य नागरिकों को एकत्रित किया और स्कूल की हालत से अवगत कराया,सरपचं स्नेहलता बृजेशसिंह ने स्कूल का कायाकल्प कराने का निर्णय लिया,जिसको लेकर ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई और लुपिन फाउन्डेशन के अधिशासी निदेशक सीताराम गुप्ता व गांव के भामाशाहों से बातचीत की,जिसके बाद स्कूल के भवन की मरम्मत हुई और शौचालय आदि का निर्माण हुआ,रंग-रोगन होने के बाद स्कूल का कायाकल्प हो गया,

जो अब निजी स्कूल जैसा लगता है। उन्होने बताया कि स्कूल का कायाकल्प के बाद गार्डन बनाया जा रहा है,जिसमें फूल,छाया,फलदार के पौधा लगाए जाऐगे। सरपंच स्नेहलता बृजेशसिंह ने बताया कि राउमावि के भवन की हालत देख गांव के छात्र-छात्राओं की पढाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी,जिसको लेकर स्कूल का कायाकल्प कराया जा रहा है। स्कूल के विकास को लुपिन से सहयोग लिया जाऐगा।

शिक्षा प्राप्त कर बने अधिकारी

गांव पथैना निवासी शिवओम गुप्ता व जीतेन्द्रसिंह सरपंच ने बताया कि गांव के राउमावि में कक्षा-1 से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक छात्र-छात्राए आईएएस,आरएएस,बिग्रेडियर,कर्नल,जज,चिकित्सक,शिक्षक आदि पद तक पहुंचे और सेना व पुलिस विभाग के अधिकारी व जवान बने। जब भी ये लोग गांव आते है,तो स्कूल का भ्रमण कर मां शारदा की प्रतिमा को प्रमाण कर चरण स्पर्श करते है,जिस पर स्कूल के वर्तमान पढ रहे छात्र-छात्राए गर्व करते है,जो भी अधिकारी व सेना-पुलिस का जवान बनने का सपना देखते है।

स्कूल ने दिए योद्वा-रणबांकुरा

गांव पथैना के राउमावि में गांव पथैना सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने आते है,देश की सेवा को योद्वा व रणबांकुरे दिए,पथैना के घर-घर में सेना व पुलिस में जवान है,जो देश की सीमा पर दुश्मन के छक्के छुडा रहे है। पथैना निवासी सतेन्द्रसिंह एवं निवर्तमान जिला परिषद सदस्य आशा सत्येन्द्र पथैना ने बताया कि गांव के राजकीय स्कूल ने भरतपुर के संस्थापक महाराजा सूरजमल से महाराजा बृजेन्द्रसिंह के शासनकाल तक तथा देश की आजादी से आज तक सेना व पुलिस को एक हजार से अधिक योद्वा व रणबांकुरे दिए,लोग राजकीय स्कूल को योद्वाओं का स्कूल कहते है,,जिस पर हमे गर्व है।
—-हलैना से विष्णु मित्तल