#राजस्थानसतर्क है: प्रदेश ने हासिल किया 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य

Last Updated on May 2, 2020 by Shiv Nath Hari

#राजस्थानसतर्क है: प्रदेश ने हासिल किया 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य  

# Rajasthan is alert:

State achieves target of 10 thousand corona test daily

जयपुर, 02 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर के चिकित्सा संस्थानों में अब कोरोना के 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुछ दिनों पहले ही यह लक्ष्य रखा था, जिसे विभाग, चिकित्सक और अधिकारियों ने मिलकर पूरा कर दिया है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि 2 मार्च को प्रदेश में पहला कोरोना पॉजीटिव केस चिन्हित हुआ था, तब प्रदेश में कोरोना जांच की सुविधा नहीं थी और हमें सैंपल को टेस्टिंग के लिए पुणे की लैब में भेजने पड़े थे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और नेतृत्व में महज 2 महीनों में ही प्रदेश में 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य आज पूरा हो गया। जयपुर और जोधपुर में कोबास-8800 मशीनें शुरू होने के बाद 4-4 हजार जांचों में और बढ़ोतरी हो जाएगी।

प्रत्येक जिला मुख्यालय पर होगी कोरोना जांच की सुविधा विकसित

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की इच्छा थी कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा जांचें हों ताकि कोरोना की वास्तविकता का पता चल सके और समय रहते लोगों को क्वारेंटाइन, आइसोलशन आदि सुविधाएं उपलब्ध कराकर संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार जल्द ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कोरोना की जांच की सुविधा विकसित कर दी जाएगी।

पॉजीटिव से नेगेटिव की संख्या में जबदस्त इजाफा

डॉ. शर्मा ने बताया कि चिकित्साकर्मियों की मदद और कोरोना मरीजों के जज्बे के चलते प्रदेश में पॉजीटिव से नेगेटिव होने की तादात तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश में शनिवार दोपहर 2 बजे तक 2720 पॉजीटिव मरीज चिन्हित किए गए हैं। इनमें से लगभग 1121 मरीज पॉजीटिव से नेगेटिव हो चुके हैं, जबकि 714 को तो डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1लाख 13 हजार 934 सैंपल लिए जा चुके हैं। देश में कुछ ही ऐसे राज्य हैं, जहां इतने व्यापक स्तर पर सैंपल लिए गए हैं।

बाहर से आने वाला व्यक्ति करे क्वारेंटाइन का कड़ाई से पालन

डॉ. शर्मा ने बताया कि ट्रेन के जरिए शुक्रवार रात अप्रवासी राजस्थानियों और श्रमिकों को लाने-ले जाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस दौरान यह सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा कि उनसे प्रदेश में संक्रमण ना फैले। इसके लिए सभी जिला कलेक्टर्स को बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करने और उन्हें होम क्वारेंटाइन या सरकारी क्वारेंटाइन में 14 दिन रखने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में गांव, मोहल्ले के सभी लोग भी जागरूक रहें कि कोई भी बाहर से आने वाला व्यक्ति 14 दिन के क्वारेंटाइन पीरियड का पालन जरूर करे। सभी के सहयोग और जागरूकता से ही कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है।