रेलवे ने जताई चिंता - 'रेल रोको आंदोलन' से जरूरी सामानों और राशन की आवाजाही पर पड़ेगा असर

रेलवे ने जताई चिंता – ‘रेल रोको आंदोलन’ से जरूरी सामानों और राशन की आवाजाही पर पड़ेगा असर

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Last Updated on September 24, 2020 by Shiv Nath Hari

रेलवे ने जताई चिंता – ‘रेल रोको आंदोलन’ से जरूरी सामानों और राशन की आवाजाही पर पड़ेगा असर

रेलवे ने जताई चिंता - 'रेल रोको आंदोलन' से जरूरी सामानों और राशन की आवाजाही पर पड़ेगा असर

रेलवे ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृषि विधेयकों को लेकर पंजाब में चल रहे ‘रेल रोको’ आंदोलन से खाद्यानों तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों की ढुलाई के साथ-साथ विशेष ट्रेनों के जरिये यात्रियों की आवाजाही पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

पंजाब में किसानों ने तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया है। इसके चलते फिरोजपुर रेल संभाग ने विशेष ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया है।

गौरतलब है कि राज्यसभा में रविवार को ध्वनि मत से किसान उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (प्रोत्साहन एवं सुविधा) विधेयक 2020 तथा किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन का समझौता एवं कृषि सेवा विधेयक 2020 पारित किये जा चुके हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ये विधेयक कानून बन जाएंगे।

अधिकारियों ने यहां कहा कि पंजाब में इस साल अगस्त में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का 990 रेक खाद्यान्न का लदान किया गया। इसके अलावा 23 सितंबर तक 816 रेक लदान किया जा चुका है। एफसीआई पंजाब से रोजाना 35 से अधिक रेक लदान करा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में रोजाना 9-10 रेक उर्वरक, सीमेंट, ऑटो और मिश्रित खाद्य सामग्री कंटेनरों में लादी जा रही है। इसके अलावा राज्य में रोजाना 20 रेक कोयला, खाद्यान्न, कृषि उत्पाद, मशीनरी पेट्रोलियम उत्पाद लाए जाते हैं।

रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, ”पंजाब रेल आंदोलन से खाद्यान्नों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लदान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे आम लोगों, तेजी से उबर रही रेलवे माल ढुलाई सेवा तथा अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। ”

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