पैदल आवागमन कर रहे श्रमिकों की तस्वीरें हृदय विदारक, इनकी यथासम्भव मदद करें प्रशासन और आमजन: पर्यटन मंत्री

Last Updated on May 8, 2020 by Shiv Nath Hari

पैदल आवागमन कर रहे श्रमिकों की तस्वीरें हृदय विदारक, इनकी यथासम्भव मदद करें प्रशासन और आमजन: पर्यटन मंत्री

Pictures of workers moving on foot are heart-wrenching, help them as much as possible; Administration and public: Tourism Minister
पैदल आवागमन कर रहे श्रमिकों की तस्वीरें हृदय विदारक, इनकी यथासम्भव मदद करें प्रशासन और आमजन: पर्यटन मंत्री

भरतपुर, 08 मई। पर्यटन एवं देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जारी लाॅकडाउन को देखते हुए अब भी बडे पैमाने पर श्रमिक पैदल ही सैकड़ों मील की यात्रा करते हुए अपने मूल निवास को जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ भूखे-प्यासे सफर कर रहे इन श्रमिकों की मीडिया के माध्यम से सामने आ रही तस्वीरें हृदय विदारक हैं।

उन्होंने प्रशासन एवं स्थानीय निवासियांे से अपील की है कि इन श्रमिकों के साथ संवेदनशीलता एवं सहृदयता दिखाते हुए उनकी यथासम्भव मदद करनी चाहिये। पर्यटन मंत्री ने पैदल आवागमन कर रहे श्रमिकों के लिए रास्ते में छाया-पानी एवं मेडिकल एड आदि की व्यवस्था करने के निर्देश जिला कलक्टर नथमल डिडेल को दिये।

पर्यटन मंत्री ने शुक्रवार को भरतपुर के सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए आमजन में जागरूकता आयी है और वे संक्रमण के लक्षण दिखने पर स्वयं ही जांच एवं उपचार के लिए सामने आने लगे हैं। उत्तरप्रदेश सीमा पर ऊंचा नगला चैक पोस्ट से आगे वास्तविक सीमा का उन्होंने स्वयं दौरा कर पुलिस जाप्ता बढ़ाने के निर्देश दिये, जिसके बाद यूपी से गांव के रास्तों से होकर आने वाले लोगों की आवाजाही पर अंकुश लगा है।

पर्यटन मंत्री ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी से कटने के कारण प्रवासी श्रमिकों की मौत की दुखद घटना एवं विशाखापत्तनम में गैस रिसाव हादसे में मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने एक सवाल के जबाव में कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों के प्रदेश में मथुरा मार्ग से ही आवागमन की अनुमति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि पैदल उत्तरप्रदेश की ओर जा रहे श्रमिकों के बारे में मथुरा जिला प्रशासन से वार्ता की जायेगी। मथुरा जिला प्रशासन यदि इन श्रमिकों को प्रवेश की अनुमति देता है तो हम इन पैदल जा रहे श्रमिकों को मथुरा जिले की सीमा तक बसों द्वारा छुडवाने की व्यवस्था कर देंगे।