Pandit Deendayal Upadhyay Birthday: विश्व को दिशा दे सकता है दीनदयाल माॅडल,विकास का श्रेष्ठ माॅडल हर हाथ को रोजगार

Last Updated on September 25, 2020 by Shiv Nath Hari

Pandit Deendayal Upadhyay Birthday: विश्व को दिशा दे सकता है दीनदयाल माॅडल,विकास का श्रेष्ठ माॅडल हर हाथ को रोजगार

Pandit Deendayal Upadhyay Birthday: Deendayal Model can give direction to the world, the best model of development is employment to every hand
Pandit Deendayal Upadhyay Birthday: Deendayal Model can give direction to the world, the best model of development is employment to every hand
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस पर विशेष
  • ग्रीन विजन ही सुखी जीवन का आधार
  • विकास का श्रेष्ठ माॅडल हर हाथ को रोजगार
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय सच्चे राष्ट्रभक्त थे
  • विश्व को दिशा दे सकता है दीनदयाल माॅडल
  • स्वदेशी माॅडल सर्वहित माॅडल
  • स्वदेशी माॅडल सबका माॅडल – पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज

ऋषिकेश, 25 सितम्बर। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज Pandit Deendayal Upadhyay Birthday के अवसर पर उन्हें याद करते हुये कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिन्तक और संगठनकर्ता थे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को वर्तमान समय के अनुसार प्रस्तुत करते हुए भारत को एकात्म मानववाद नामक विचारधारा दी। वे ऐसी समावेशित विचारधारा के समर्थक थे जो भारत को मजबूत और सशक्त बनाने में योगदान दे सके।

Pandit Deendayal Upadhyay Birthday: ग्रीन विजन ही सुखी जीवन का आधार

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी प्रखर सूझबूझ वाले राष्ट्रसमर्पित दार्शनिक थे जिनका चिंतन सदैव ही देश की उन्नति के लिये था।

उनके द्वारा प्रस्तुत दर्शन को ‘एकात्म मानववाद’ कहा जाता है जिसका उद्देश्य एक ऐसा ‘स्वदेशी सामाजिक-आर्थिक मॉडल’ प्रस्तुत करना था जिसमें विकास के केंद्र में मानव हो।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में जब चारों ओर कोविड-19 का खतरा मंडरा रहा है और इस समय बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के पास रोजगार नहीं है ऐसे में स्वदेशी सामाजिक-आर्थिक माॅडल अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय सच्चे राष्ट्रभक्त थे

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने मानव के संपूर्ण विकास के लिये भौतिक विकास के साथ आत्मिक विकास पर भी बल दिया।

साथ ही, उन्होंने एक वर्गहीन, जातिहीन और संघर्ष मुक्त सामाजिक व्यवस्था की कल्पना की थी।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व की एक बड़ी आबादी गरीबी में जीवन यापन करने को मजबूर है इसलिये दुनिया को एक ऐसे विकास मॉडल की जरूरत है

जो हर हाथ को रोजगार और प्रत्येक मानव को गरिमापूर्ण जीवन दे सके। इस समय हमारे राष्ट्र को एक ऐसी लोक कल्याणकारी व्यवस्था चाहिये जो कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार ला सके।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत के ऊर्जावान प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया और यह तभी सम्भव है जब गांव आत्मनिर्भर होंगे तथा हम लोकल के लिये वोकल होंगे।

विश्व को दिशा दे सकता है दीनदयाल माॅडल

अतः युवाओं में यह सोच पैदा करनी होगी कि मेरा गांव, मेरा तीर्थ, मेरा गांव, मेरी शान बने और इसके लिये सभी को अपनी जीवनशैली और सोच को भी बदलना होगा। सभी को ग्रीड कल्चर से ग्रीन कल्चर की ओर बढ़ना होगा ग्रीड कल्चर से नीड कल्चर की ओर बढ़ना होगा और नये कल्चर की ओर बढ़ना होगा, ग्रीन विजन को अपनाना होगा,प्रकृति के साथ जीना होगा और यही मार्ग हमारे ऋषियों ने भी हमें बताया है।