पबजी जैसे ऑनलाइन गेम बच्चों की मानसिक स्थिति को कमजोर करते है _ उपमन

Last Updated on September 3, 2020 by Shiv Nath Hari

पबजी जैसे ऑनलाइन गेम बच्चों की मानसिक स्थिति को कमजोर करते है _ उपमन

Online games like PUBG weaken the mental state of children

भरतपुर,03 सितम्बर| पिछले काफी समय से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को दूषित कर रहे पबजी जैसे 118 एप्प पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने पर खुशी जताई गई ।

शैक्षिक मनोविज्ञान विशेषज्ञ वैभव उपमन ने हिंदी शिक्षण भवन संस्थान द्वारा छात्रों के ऑनलाइन संवाद के जरिए जवाब देते हुए कहा कि पिछले काफी समय से चाइनीज़ ऐप्स की एक बाढ़ सी आई हुई है भारतीय बाज़ार में इन्होंने अपना कब्जा जमा लिया है तथा एक बार पबजी जैसे एप्प अगर बालक डाउनलोड कर ले तो वह मोबाइल खेलों के जंजाल में इस कदर फंस जाते हैं कि उन्हें अपने भविष्य तथा समय की फिक्र नहीं रहती बच्चे अपने परिजनों के विचारों को भी नकार देते है ये खेल स्लो पॉइजन के समान है जो बालकों के सोचने विचारने की क्षमता को कम कर देते है कभी कभी इन खेलों के टास्क पूरा करने के चक्कर में आत्महत्या तक कर लेते है इन खेलों की वजह से बालकों का मानसिक विकास अवरूद्ध हो जाता है ।

उपमन ने कहा ऐसे खेल बच्चों को रचनात्मक , सामाजिक तथा सृजनात्मकता , शारीरिक श्रम आदि से तो दूर कर ही रहे है अपितु ये मोबाइल गेम्स बच्चों को भावनात्मक रूप से भी कमजोर कर रहे है ये गेम्स बच्चो के सम्पूर्ण विकास में बाधक है सबसे ज्यादा लत बच्चो की पबजी खेल की थी , सरकार को सभी भावनात्मक रूप से बच्चों को कमजोर करने वाले गेम्स को तुरंत प्रभाव से बन्द कर देना चाहिए । ऑनलाइन संवाद में हिंदी विद डॉ. शिवकुमार सैन , डॉ . रवि शर्मा अनीश तिवारी ,आदि ने भी कहा कि बच्चों के माता पिता को जरूरी होने पर ही मोबाइल देना चाहिए तथा समय समय पर बच्चों के मोबाइल चेक करते रहने चाहिए