International Women’s Day 2020: घरों के पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक : धर्मेन्द्र प्रधान

Last Updated on March 6, 2020 by Shiv Nath Hari

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020: घरों के पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक : धर्मेन्द्र प्रधान

International Women's Day 2020
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international-womens-day-2020: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) स्वतंत्र भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा कारक है। पीएमयूवाई पर आयोजित एक कार्यशाला में श्री प्रधान ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमने एलपीजी कनेक्शनों की संख्या दोगुनी से अधिक कर दी है।

उल्लेखनीय है कि एलपीजी कवरेज 55 प्रतिशत से बढ़कर 97.4 प्रतिशत हो गया है। पीएमयूवाई देश में महिलाओं की स्थिति में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने का सबसे बड़ा कारक है।

श्री प्रधान ने कहा कि घरों के पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। समाज की गरीब महिलाओं को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल एलपीजी ईंधन उपलब्ध करने से घरों में धुएं का प्रदूषण कम हो गया है, हालांकि यह अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “व्यवहारिक बदलाव, आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत बनाना, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना हमारी प्राथमिकताएं हैं। हम एलपीजी सिलेन्डरों को रीफिल करने की प्रक्रिया के लिए अभिनव तरीकों की तलाश में हैं।”

श्री प्रधान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऊर्जा महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा, “हम सभी भारतवासियों के लिए ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सस्ती, टिकाऊ, कारगर, सुरक्षित ऊर्जा। एलपीजी को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का कारक होना चाहिए।”

पीएमयूवाई लाभार्थियों ने बड़ी तादात में हिस्सा लिया और अपने अनुभवों को साझा किया कि किस तरह उनके घरों में गैस का चूल्हा आने के बाद उनके जीवन में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। कार्यशाला का आयोजन इस समय चल रहे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 समारोहों के मद्देनजर किया गया था। 

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