भरतपुर में राष्ट्रीय लोकदल ने किसान विरोधी बिल के ख़िलाफ़ भारत बंद का समर्थन किया

Last Updated on September 25, 2020 by Shiv Nath Hari

भरतपुर में राष्ट्रीय लोकदल ने किसान विरोधी बिल के ख़िलाफ़ भारत बंद का समर्थन किया

In Bharatpur, the National Lok Dal supported the Bharat Bandh against the anti-farmer bill
भरतपुर में राष्ट्रीय लोकदल ने किसान विरोधी बिल के ख़िलाफ़ भारत बंद का समर्थन किया

आज भरतपुर में किसान विरोधी बिल के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय लोकदल, महाराजा सूरजमल सेवा संघ और भारतीय किसान यूनियन(सुनील गट) के किसानों ने प्रदर्शन कर भारत बंद का समर्थन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के युवा प्रदेशाध्यक्ष मनुदेव सिनसिनी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाये गए इस बिल से पूरे देश के किसान और किसान संगठन अत्यंत चिंतित और गुस्से में हैं। इस बिल में कहीं भी किसान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को सुरक्षित रखने की बात नहीं कही गयी है।इस बिल को इतनी आनन फानन में इस कोरोना काल में लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। किसानों किसान संगठनों और संसद से चर्चा कर ही इस बिल की खामियों को दूर कर इसे लाना चाहिए था।

पुष्पेंद्र फ़ौजदार ने कहा कि इस बिल से किसान बड़ी कंपनियों के चंगुल में फंस जायेगा और जिस तरह अंग्रेज़ो ने ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से भारत को गुलाम बनाया था उसी तरह देश पर केवल कुछ पूंजीपतियों का राज हो जायेगा।

कर्मवीर सिंह ने कहा कि जिस न्याय के सिद्धांत को मानव का अधिकार माना जाना जाता हहै उसे भी इस कानून में खत्म कर दिया गया है। बड़ी कंपनियां सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर किसान और उपभोक्ता दोनों को लूटेंगे।

युवा नेता सौरभ पाराशर ने कहा कि इस बिल से कॉर्पोरेट फार्मिंग से धीरे धीरे सूक्ष्म और लघु किसान अपनी जमीन उद्योगपतियों को बेचने पर मजबूर हो जायेंगे और उनके मजदूर व गुलाम भर बनके रह जायेंगे।

इस अवसर पर संजय थेरावर, बलबीर लांकी, अमित अवार,लोकेंद्र बॉक्सर, रंजो अवार,अनिल सोगर, तपेंद्र चाहर,दुष्यंत चौधरी,मनीष बछामदी आदि युवा उपस्थित थे।