महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के नव निर्मित भवन का राज्यपाल ने किया लोकार्पण

Last Updated on August 23, 2020 by Shiv Nath Hari

महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के नव निर्मित भवन का राज्यपाल ने किया लोकार्पण

Governor inaugurated newly constructed building of Maharaja Surajmal Brij University, Bharatpur
Governor inaugurated newly constructed building of Maharaja Surajmal Brij University, Bharatpur
  • भारतीय ज्ञान-विज्ञान और अनुसंधान की कीर्ति पताका फहराये – राज्यपाल
  • संविधान पार्क का राज्यपाल ने किया शिलान्यास

जयपुर, 23 अगस्त। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने भरतपुर के लोगांे को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भरतपुर का महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों में सफल होगा। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का आहवान किया कि वे सभी एकजुट होकर भारतीय ज्ञान-विज्ञान और अनुसंधान की कीर्ति पताका फहरायें। उन्हांेने कहा कि यह विश्वविद्यालय आदर्श शिक्षा का केन्द्र बने। युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान कर उनके जीवन का ऐसा मार्ग प्रशस्त करे कि वे नियोक्ता बन सकंे।
राज्यपाल श्री मिश्र ने रविवार को वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से राजभवन से महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने इस मौके पर विश्वविद्यालय में बनने वाले संविधान पार्क का भी शिलान्यास किया।

राज्यपाल ने कहा कि अपराजेय दुर्ग लोहागढ़, भरतपुर के महान शासक महाराजा सूरजमल के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय का नवीन भवन पूरे बृज क्षेत्र के लिए गौरवशाली सिद्ध होगा। उन्हांेने कहा कि विश्वविद्यालय चरित्र निर्माण के केन्द्र होते हैं। अध्ययन और ज्ञान की उपयोगिता तभी है, जब उसका लाभ राष्ट्र और समाज के हित में हो। युवाओं को बहुमुखी विकास के लिए सरकार ने शिक्षा द्वारा उन्नति और उत्थान का अवसर दिया है। राष्ट्र और समाज के पुनर्निर्माण में योगदान देकर उपकार से उपकृत होना ही युवाओं का परम कत्र्तव्य है।

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय का परिसर अपनी पवित्रता और प्रांजलता के लिये जाना जाता है, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों की साधना से पवित्र एवं संस्कारित होता है। शिक्षकों को अपने आचार-व्यवहार, ज्ञान-प्रसार, बोध और समझ से युवाओं को परिपक्व बनाना हैं। शिक्षक ही युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढ़ालते हंै। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि यह विश्वविद्यालय न्यूनतम शुल्क के साथ नवीनतम सुविधाओं की व्यवस्था कर उनके माध्यम से शिक्षा की अलख प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचा कर अज्ञान के अंधकार को दूर करेगा। यह विश्वविद्यालय अपने प्रयासों से अन्त्योदय की अवधारणा को भी साकार करेगा।


कुलाधिपति श्री मिश्र कहा कि आज शिक्षा ही नहीं वरन् जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएँ पुरूषों के साथ प्रतिस्पर्धा करती दिख रही हैं। महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भी महिला शिक्षा की दिशा में सुधार लाने के लिए कृत-संकल्पित बनेगा। यह प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय के कुलगीत में भी प्रतिबिम्बित हो रही है। श्री मिश्र ने कहा कि नए पाठ््यक्रमों को आरम्भ करने में यह विश्वविद्यालय अल्प अवधि में ही राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के मध्य उभर कर सामने आया है। स्नातकोत्तर एवं विधि जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं में नवाचार एवं कौशल विकास के लिये विश्वविद्यालय ने युवाओं को सुन्दर स्थान प्रदान किया हैं। सत्रह विषयों में शोध की शुरूआत उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय का ठोस कदम है।


राज्यपाल ने कहा कि मार्च, 2020 से ही पूरा विश्व कोरोना नामक विषाणु के कारण एक महामारी का सामना कर रहा है। विगत छः माह से शिक्षण संस्थाएँ बन्द हैं, परीक्षाएँ स्थगित करनी पड़ीं। कक्षा-शिक्षण के विकल्प के रूप में आॅनलाईन शिक्षण पद्वति से स्वीकार्यता बढ़ी है। ऐसे में बृज विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ई-कन्टेन्ट के रूप में अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराई। ई-कन्टेन्ट्स को व्हाट्सएप्प ग्रुपों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुलभ कराना, सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को निःशुल्क डाटा पैक भी उपलब्ध कराए जाने से विद्यार्थियों को यह वैकल्पिक शिक्षा भी सहज लग रही होगी। कोरोना वायरस के कारण विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ आगन्तुकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।


विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आर.के. एस. धाकरे ने स्वागत उद्बोधन के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी दी। रजिस्ट्रार श्री शौकत अली ने आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल भी मौजूद थे।