चरक जयंती महोत्सव: अच्छे स्वास्थ्य के लिए औषधीय पौधों का संरक्षण जरूरी-डाॅ0 चन्द्र प्रकाश दीक्षित

Last Updated on July 25, 2020 by Shiv Nath Hari

Charak Jayanti Festival: Preservation of medicinal plants is essential for good health – Dr. Chandra Prakash Dixit

  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए औषधीय पौधों का संरक्षण जरूरी
  • चरक जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में लगाए औषधीय पौेधा
Charak Jayanti Festival: Preservation of medicinal plants is essential for good health - Dr. Chandra Prakash Dixit
Charak Jayanti Festival: Preservation of medicinal plants is essential for good health – Dr. Chandra Prakash Dixit

भरतपुर, 25 जुलाई। आयुर्वेद विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के महर्षि आचार्य चरक जयंती महोत्सव भरतपुर के केन्द्रीय विद्यालय में उप निदेशक डाॅ. निरंजन सिंह सहायक निदेशक डाॅ. संजीव तिवारी एवं काढा वितरण टीम प्रभारी वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 चन्द्र प्रकाश दीक्षित एवं केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य नैम सिंह की मौजूदगी में मनाया गया।

इस अवसर पर विद्यालयमें औषधीय पौधे लगाये गये एवं विद्यालय परिसर में 70 से अधिक लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाए जाने हेतु औषधीय काढा पिलाया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारियों एवं प्राचार्य नैमसिंह, वाइस प्रिंसीपल लक्ष्मण कुमार द्वारा आचार्य महर्षि चरक की प्रमिका पर तिलक पुष्प चढाकर दीप प्रज्जवलित कर पूजा अर्चना की गई।

इस अवसरपर उपनिदेशक डाॅ. निरंजनसिंह ने अपने उदबोधन में आचार्य चरक की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए गये आदर्श जीवन शैली को अपनाए जाने की बात कही। सहायक निदेशक डाॅ.संजीव तिवाडी ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने एवं सोशल डिस्टेनिंग एवं हाथों की सफाई करते रहने को दिनचर्या से जोडने की सलाह दी।
कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित द्वारा गिलोय, तुलसी, कालमेघ,अश्वगंधा, शतावरी, गुग्गुल, एलोवेरा आदि औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अच्छे स्वास्थ्य और औषधीय उपयोग हेतु इनके संरक्षण और संवर्धन की सलाह दी। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव में गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा जैसी उपयोगी औषधीयों पर प्रकाश डालते हुए रसोईघर के सामान द्वारा चिकित्सा के सरल घरेलू उपायों के बारे में बताया।

काढा वितरण एवं पौधारोपण में डाॅ. महेश लवानियां, डाॅ. शैलेष शर्मा, संजीव गडासिया, राकेश शर्मा, मेलनर्स दिनेश शर्मा, सत्यभान, बलराम शर्मा, रूप सिंह, नेतराम मीना, लखन मीना, सावंतीधीर, सत्यपाल, शैलेन्द्र सक्सैना द्वारा सहयोग किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुशील शर्मा द्वारा किया गया एवं सभी का आभार प्राचार्य नैमसिंह द्वारा व्यक्त किया गया।