Bhagat Singh Birthday: क्रांतिकारी भगत सिंह के साहस,देशभक्ति को नमन

Last Updated on September 28, 2020 by Shiv Nath Hari

Bhagat Singh Birthday: क्रांतिकारी भगत सिंह के साहस,देशभक्ति को नमन

Bhagat Singh Birthday: Courage, patriotism of revolutionary Bhagat Singh
Bhagat Singh Birthday: क्रांतिकारी भगत सिंह के साहस,देशभक्ति को नमन

ऋषिकेश, 28 सितम्बर। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज भारत के महान क्रान्तिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर उन्हें याद करते हुये कहा कि क्रान्तिकारी भगत सिंह के साहस और देशभक्ति को नमन। उन्होने अद्भुत साहस के साथ स्वतंत्रता संग्राम में जो योगदान दिया उसे युगों-युगों तक याद किया जायेगा।

उनके विचार भी उनके साहस की तरह अद्भुत थे। उन्होंने कहा था कि ‘‘ क्रांति की तलवार तो सिर्फ विचारों की शान पर ही तेज होती है’’। यह संदेश है वीर भगतसिंह का आज के युवाओं को कि विचारों में बड़ी शक्ति है इसलिये जीवन में आगे बढ़ने के लिये विचारों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जीवन में आगे बढ़ना है तो टंग (जीभ) मेनेजमेंट, थाट्स (विचार) मेनेजमेंट और टाईम मेनेजमेंट करना नितांत आवश्यक है।

पूज्य स्वामी जी ने आज वीर भगतसिंह के जन्मदिवस के अवसर पर संदेश देे हुये कहा कि भगत सिंह जी आज के युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत हैं। कैसे एक युवा लड़के ने जिसके आगे उसका पूरा जीवन पड़ा है, उसकी पूरी जवानी के वसंत में अभी फूल खिलने बाकी हैं, प्रत्येक युवा की अनेक आशायें और अभिलाषायें होती हैं उन सबका त्याग कर दिया अपनी मातृभूति की आजादी के लिये, कैसा अद्भुत देश प्रेम।

स्वामी जी ने कहा कि क्या देशभक्ति थी भगतसिंह की। उन्होंने कहा था कि ’’मेरी कलम मेरी भावनाओं से इस कदर रूबरू, है कि मैं जब भी इश्क लिखना चाहूँ तो हमेशा इन्कलाब लिखा जाता है।’’ ये था अपनी मातृभूमि के लिये उनका प्रेम और भारत माता के लिये त्याग।

पूज्य स्वामी जी ने कहा हमारे वीरों ने अपनी मातृभूमि को परतंत्रता की जंजीरों से आजाद कराने के लिये जो पराक्रम और साहस दिखाया है उसे केवल वास्तव में इतिहास के पन्नों में समाहित नहीं बल्कि हर दिल में समाहित किया जाना चाहिये। हमारे गौरवशाली इतिहास में ऐसे अनेक अध्याय हैं जो हमें केवल जानकारी ही नहीं बल्कि ऊर्जा प्रदान करते हैं, जीवन प्रदान करते हैं ।

पूज्य स्वामी जी ने युवाओं का आह्वान करते हुये कहा कि अपने इतिहास, भारतीय संस्कृति और हमारी गौरवशाली संस्कृति से जुड़ें। आप जहां पर भी रहें परन्तु अपनी जड़ों से जुड़े रहें, भारतीय मूल्यों को अपनायें। भारत की गौरवशाली संस्कृति को जानें और उसे आत्मसात करने का प्रयत्न करें। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि ’देश हमें देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें।’

अब अपनी भारत माता को देने का समय है, धरती के विषय में सोचने का समय है और भावी पीढ़ियों के लिये अपने पर्यावरण सुरक्षित रखने का समय है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भगतसिंह जैसे अद्भुत व्यक्तित्व वाले महापुरूष धरती पर जन्म तो लेते हैं और इस धरती से भौतिक रूप से विदा होते हैं परन्तु विचारों में युगों-युगों तक जिन्दा रहते हैं।

आईये आज भगतसिंह जी के जन्मदिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि और उनकी देशभक्ति को नमन। हम सभी आज एक संकल्प लें कि भारत है तो हमारा अस्तित्व है इसलिये इसकी अखंडता और प्रभुता को अक्षुण्ण बनाये रखेंगे।