सिलिकोसिस पीड़ित के प्रति खान मालिक की जिम्मेदारी तय करने के लिए देंगे निर्देश- उद्योग मंत्री

Last Updated on March 3, 2020 by Shiv Nath Hari

जयपुर, 3 मार्च। उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीना ने मंगलवार को विधानसभा में खान मंत्री की ओर से बताया कि सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित श्रमिकों के प्रति खान मालिक की जिम्मेदारी तय करने के लिए विभाग द्वारा निर्देश दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि खान मालिकों की लापरवाही भी श्रमिकों मंर सिलिकोसिस की बीमारी के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पीड़ित के इलाज की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खान मालिक को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 
श्री मीना ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा की राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सिलिकोसिस बीमारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नयी सिलिकोसिस नीति बनाई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सिलिकोसिस पीड़ित को इलाज के लिए 3 लाख रुपये तथा मृत्यु के पश्चात उसके आश्रितों को 2 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीएमएफटी फण्ड के अन्तर्गत सिलिकोसिस के अतिरिक्त अन्य सामाजिक कार्य जैसे सड़क, पेयजल आदि से संबंधित कार्य भी कारवाये जाते हैं।


इससे पहले विधायक श्री लाखन सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में श्री मीना ने बताया कि करौली जिले में डीएमएफटी के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में राशि 194.82 लाख रुपये एवं वर्ष 2019-20 ( 31 जनवरी, 2020 तक) में 239.42 लाख रुपये जमा हुये हैं। 
उन्होंने बताया कि हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र में 45 सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों को 93 लाख रुपयों का भुगतान किया गया। इसी प्रकार करौली विधानसभा क्षेत्र में 137 सिलिकोसिस  पीड़ित श्रमिकों को 237 लाख, सपोटरा में 56 श्रमिकों को 80 लाख तथा टोडाभीम में 1 श्रमिक को 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह 31 जनवरी, 2020 तक उक्त फण्ड में से सिलिकोसिस बीमारी से 239 पीड़ित श्रमिकों/मृतक श्रमिक आश्रितों को राशि 411 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।


श्री मीना ने बताया कि करौली जिले में डीएमएफटी फण्ड में 31 जनवरी, 2020 तक राशि 122.44 लाख रुपये शेष हैं। राजस्थान डिस्टि्रक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट नियम, 2016 के नियम 15 में ट्रस्ट फण्ड में जमा राशि के व्यय किये जाने के प्रावधान निहित है। माह जनवरी, 2019 के बाद ट्रस्ट फण्ड से सिलिकोसिस बीमारी से 88 पीड़ित श्रमिकों/मृतक श्रमिक आश्रितों को कुल राशि 186 लाख रुपये का भुगतान किया गया। 

Leave a Comment