मानव जीवन के प्रत्येक पहलू में समाहित है विज्ञान- मुग्धा सिन्हा |

Last Updated on February 28, 2020 by Shiv Nath Hari

मानव जीवन के प्रत्येक पहलू में समाहित है विज्ञान- मुग्धा सिन्हा |
मानव जीवन के प्रत्येक पहलू में समाहित है विज्ञान- मुग्धा सिन्हा |


 जयपुर, 28 फरवरी। शासन सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने कहा कि विज्ञान का महत्व पुरातन समय से ही है और आज इसका प्रभाव हमारे जीवन के प्रत्येक पहलू में समाहित है। उन्होंने कहा कि भारत के महान वैज्ञानिकों ने भारतीय विज्ञान को विश्व में नई ऊचाईया प्रदान की है और आज विश्व के प्रमुख वैज्ञानिक शोध संस्थानों में हमारे वैज्ञानिक निरन्तर समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। श्रीमती सिन्हा शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शास्त्री नगर स्थित रीजनल साइंस सेन्टर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय विज्ञान का ही है। अतः विज्ञान को सही दिशा मिले यह हम सबका कर्तव्य है। 


इस अवसर परप्रो.बी. के शर्मा, भौतिक विज्ञानी ने कहा कि रमन इफेक्ट की खोज के साथ विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सीवी रमन का विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बहुमूल्य है। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान की महत्वपूर्णता को दर्शाता है। चंद्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिन को विज्ञान दिवस के रूप में मनाकर हम उनके योगदान को याद करते है। उन्होंने सी. वी. रमन के साथ स्वयं के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि श्री रमण की वैज्ञानिक उपलब्धियों के द्वारा ही हमें पता चला है कि प्रकाश जब अणु के साथ संपर्क करता है तो प्रकाश अणु को थोड़ी मात्रा में ऊर्जा प्रदान करता है, आज रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी, जो उंगलियों के निशान पर निर्भर है, का उपयोग अणुओं की पहचान करने और जीवित कोशिकाओं और ऊतकों का विश्लेषण करने के लिए दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में किया जाता है ताकि कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सके।


 प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा और तप को सलाम करने का दिन है। उनके अभिनव उत्साह औरअग्रणीशोध ने भारत और दुनिया को वैज्ञानिक रूप से उन्नत बनाया है, भारतीय विज्ञान का विकास जारी है और हमारे युवा दिमाग विज्ञान के प्रति और अधिक जिज्ञासा विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान अपराध और फोरेंसिक विज्ञान से लोगों को अवगत कराने के लिए लिए अपराध और फोरेंसिक विज्ञान पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। फोरेंसिक विभाग की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राखी खन्ना ने कार्यशाला में दर्शकों को बताया कि अपराध रहस्यों को कैसे सुलझाया जा सकता है। उन्होंने फोरेंसिक लैब परीक्षण के क्षेत्र में तस्वीरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ. राखी ने बताया कि अपराध स्थल का निरिक्षण कैसे करना चाहिए ।


 उन्होंने यौन उत्पीड़न मामलों के सबूत संग्रह किट के बारे में जानकारी दी कि कैसे ये बलात्कार के मामलों को आसानी से हल करने के लिए उपयोगी है। डॉ. बीजू माथुर ने पोस्को के बारे में जानकारी दी। डॉ.माथुर ने डीएनए और मिनट के साक्ष्य के महत्व के बारे में भी बताया जो आपराधिक मामलों को सुलझाने के लिए बहुत उपयोगी है। कार्यक्रम के अंत में राजस्थान की विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव श्रीमती मुग्धा सिन्हाने प्रोफेसर शर्मा को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।


 कार्यक्रम में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “विज्ञान, इतिहास, कला और संस्कृति” था। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया और छात्रों द्वारा सुंदर रचनात्मक अभिव्यक्ति की गयी।

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