नवलगढ़ में एडीजे कोर्ट की स्थापना के लिए प्रस्ताव पुनः उच्च न्यायालय को प्रेषित करेंगे – विधि एवं विधिक कार्य मंत्री

Last Updated on March 3, 2020 by Shiv Nath Hari

जयपुर, 3 मार्च। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री शान्ति कुमार धारीवाल ने मंगलवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि नवलगढ़ शहर में एडीजे कोर्ट की स्थापना के लिए प्रस्ताव एक बार पुनः उच्च न्यायालय को प्रेषित करेंगे। 
श्री धारीवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर नवीन न्यायालय की स्थापना उच्च न्यायालय से परामर्श/ प्रस्ताव प्राप्त होने पर निर्धारित मानदण्ड के अनुसार प्रकरण लम्बित होने पर तथा वित्तीय संसाधन की उपलब्धता होने पर ही की जा सकती है। उन्होेंने कहा कि नवलगढ़ में ए.डी.जे न्यायालय की स्थापना के प्रस्ताव वर्ष 2015 में उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था।


उन्होंने कहा कि डीजे/एडीजे कोर्ट की स्थापना के लिए निर्धारित मापदण्डों के अनुसार 1000 से 1200 प्रकरण,  सीजेएम/एसीजेएम कोर्ट की स्थापना के लिए 1200 से 1500 प्रकरण तथा सिविल न्यायाधीश/न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के लिए 1700 से 2000 प्रकरण लम्बित होने आवश्यक हैं। 


श्री धारीवाल ने बताया कि नवलगढ़ में एडीजे न्यायालय स्तर पर 88 फौजदारी व 184 दीवानी प्रकरणों सहित कुल 272 प्रकरण लम्बित हैं जिसमें जिला एवं सत्र न्यायालय, झुंझुनूं में 47 फौजदारी व 94 दीवानी प्रकरणों सहित कुल 141 प्रकरण, अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, झुंझुनूं में 32 फौजदारी व 36 दीवानी प्रकरणों सहित 68 प्रकरण तथा अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, झुंझुनूं में 9 फौजदारी व 54 दीवानी प्रकरणों सहित कुल 63 प्रकरण शामिल हैं। 


इससे पहले विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा के मूूल प्रश्न के जवाब में श्री धारीवाल ने प्रदेश में एक जनवरी, 2018 से 12 फरवरी 2020 तक सृजित न्यायालयों की सूची सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि यह सही नहीं है कि नवलगढ़ शहर में काफी संख्या में मुकदमें लंबित हैं। किसी स्थान पर नवीन अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय (ए.डी.जे न्यायालय) की स्थापना माननीय उच्च न्यायालय से परामर्श/प्रस्ताव प्राप्त होने पर, निर्धारित मानदण्ड के अनुसार उस क्षेत्र के 1000-1200 प्रकरण लम्बित होने पर तथा वित्तीय संसाधन की उपलब्धता होने पर ही की जा सकती है। 
उन्होंने बताया कि वर्तमान में नवलगढ़ क्षेत्र के अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्तर के सुनवाई योग्य लंबित प्रकरणों की संख्या मात्र 272 है जो कि निर्धारित मानदण्ड 1000-1200 से काफी कम है। पूर्व में नवलगढ में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय सृजन का प्रकरण तत्समय नवलगढ़ क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की संख्या 439, को देखते हुए नवलगढ़ में ए.डी.जे न्यायालय सृजन का प्रस्ताव माननीय उच्च न्यायालय की कमेटी द्वारा खारिज कर दिया गया था। 

श्री धारीवाल ने बताया कि भविष्य में अपर जिला न्यायाधीश न्यायालय (ए.डी.जे न्यायालय) की स्थापना हेतु  माननीय उच्च न्यायालय से परामर्श/प्रस्ताव प्राप्त होने पर, निर्धारित मानदण्ड के अनुसार 1000-1200 प्रकरण लम्बित होने पर तथा वित्तीय संसाधन की उपलब्धता होने पर ही नवलगढ़ में ए.डी.जे न्यायालय की स्थापना के संबंध में राज्य सरकार द्वारा विचार किया जा सकेगा।

Leave a Comment