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दूध मिलावट गंभीर मामला, शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी – पशुपालन मंत्री

Last Updated on March 3, 2020 by Shiv Nath Hari

जयपुर, 3 मार्च। पशुपालन मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने मंगलवार को विधानसभा में गोपालन मंत्री की ओर से कहा कि दूध में मिलावट करना आम जीवन से जुड़ा हुआ एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि दुग्ध में मिलावट की शिकायत मिलने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
श्री कटारिया प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 2 हजार 664 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा दूध में मिलावट करना पाया गया। उन्होंने कहा कि मिलावट नीचे के स्तर पर पकड़ी जाती है। पहली बार में डेयरी अथवा जिला दुग्ध उत्पादक संघ दूध को नष्ट कर देता है तथा किसान को दे दिया जाता है। अगर दूसरी बार भी मिलावट मिलती है तो संस्था को चेतावनी दी जाती है तथा बोर्ड उस पर जुर्माने का निर्णय लेता है। 


पशुपालन मंत्री ने बताया कि अगर संस्थान द्वारा तीसरी बार भी दूध में मिलावट की जाती है तो संस्था को रद्द कर मामला एडीएम को भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि अगर मिलावट के लिए नमूना स्वास्थ्य विभाग में भेजा जाता है तो प्रकरण न्यायिक बन जाता है जिसमें सजा का प्रावधान है। दूध में मिलावटों के इन प्रकरणों में 5 लाख से 25 लाख रुपय तक का जुर्माना किया जाता है। उन्होंने बताया कि अलवर में  दूध में मिलावट के दो प्रकरण सामने आये, उनमें से एक प्रकरण खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास विचाराधीन तथा दूसरा प्रकरण सीएमएचओ कार्यालय में लंबित है। श्री कटारिया ने कहा कि मिलावट का मामला आम जीवन से जुड़ा है तथा विधायकों को जहां कहीं भी मिलावट की शिकायत मिलती है और विभाग को अवगत करवाते हैं तो नियमानुसार कार्यवाही कर सजा दी जाएगी। 


श्री कटारिया ने इससे पहले विधायक श्री संजय शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि गत पांच वर्षों में आरसीडीएफ से सम्बद्ध जिला दुग्ध संघों के किसी भी प्लान्ट पर सरस द्वारा उत्पादित दूध में मिलावट का कोई भी प्रकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों में आरसीडीएफ से सम्बन्धित जिला दुग्ध संघों के प्लांट से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग द्वारा कुल 93 दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने लिये गये, उनमें से अलवर जिला दुग्ध संघ में दो नमूने अमानक पाये गये। टोंक दुग्ध संघ में एक नमूना अमानक पाया गया। उन्होंने दुग्ध संघवार विवरण सदन के पटल पर रखा। 


श्री कटारिया ने बताया कि गत पांच वषार्ें में जिला संघों द्वारा जांच के दौरान कुल 2 हजार 664 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के दूध में मिलावट पायी गई। उन्होंने दुग्ध संघवार विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा।

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