डा. हर्षवर्धन ने कोविड-19 से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्‍पताल का दौरा किया

Last Updated on April 4, 2020 by Shiv Nath Hari

डा. हर्षवर्धन ने कोविड-19 से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्‍पताल का दौरा किया

  •  एलएनजेपी समर्पित कोविड-19 अस्‍पताल के रूप में काम करेगा
The Union Minister for Health & Family Welfare, Science & Technology and Earth Sciences, Dr. Harsh Vardhan visiting the Lok Nayak Jaiprakash Narayan Hospital to take stock of preparedness to overcome COVID-19, in Delhi on April 04, 2020
The Union Minister for Health & Family Welfare, Science & Technology and Earth Sciences, Dr. Harsh Vardhan visiting the Lok Nayak Jaiprakash Narayan Hospital to take stock of preparedness to overcome COVID-19, in Delhi on April 04, 2020

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज कोविड-19 से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) का दौरा किया।

केन्द्रीय मंत्री ने बुखार वार्ड, नए सर्जिकल वार्ड ब्लॉक, आहार विभाग, विशेष वार्ड, कोरोना स्क्रीनिंग सेंटर, कोरोना केयर यूनिटऔर आई.सी.यू. का दौरा किया। अस्‍पताल के विभिन्न वार्डों और परिसरों का निरीक्षण और विस्तृत समीक्षा के बाद, स्वास्थ्य मंत्री ने विभागों के काम पर संतोष व्‍यक्‍त किया और उनके कामकाज की सराहना की। उन्‍होंने वहां तैनात अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण और कठोर परिश्रम की सराहना की। उन्‍होंने कहा , ‘‘देश ऐसे समय में आपकी सेवाओं के लिए आपका आभारी है।” उन्‍होंने अस्पताल में उचित संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए उन्हें प्रोत्‍साहित किया। एकांतवास में अलग बिस्‍तरों की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल पर्याप्त एकांत वार्ड और बिस्‍तरों के साथ समर्पित कोविड-19 अस्पताल के रूप में कार्य करेगा।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 के मरीजों के लिए एलएनजेपीमें 1500 बिस्‍तरेऔर जी.बी. पंत अस्‍पताल में 500 बिस्तरेनिर्धारित किए हैं। इन वार्डों में काम करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को यात्रा से बचने और अपने परिवारों के संपर्क में आने से रोकने के लिए परिसर में नर्सों के छात्रावास और पास के एक होटल में रहने की विशेष सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने उन रोगियों के लिए टेली-मेडिसिन / टेली परामर्श की एक प्रणाली स्थापित करने का सुझाव दिया जो अस्पताल में सेवाओं का लाभ उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि एम्स, नई दिल्ली में इसी तरह की व्‍यवस्‍था शुरु की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं को घर पर पहुंचाने की सुविधा के लिए सूचना जारी कर चुकी है।

पीपीई, एन 95 मास्क और वेंटिलेटर की उपलब्धता के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “भविष्य में जरूरत पड़ने पर देश की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए हम पहले ही पर्याप्त मात्रा में ऑर्डर दे चुके हैं।” विभिन्न राज्य सरकारों के पास पहले से ही पर्याप्त संख्या में पीपीई – 4,66,057और एन95 – 25,28,996 मास्क हैं – उन्हें अगले कुछ दिनों में कुछ और पीपीई (संख्‍या में) – 1,54,250और एन95 – 1,53,300 (संख्‍या में) की आपूर्ति की जा रही है।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लांछन लगाने के मुद्दे पर, उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने ऐसी घटनाओं का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने की सलाह दी है। उन्होंने आम जनता और रोगियों के परिवार के सदस्यों से भी अपील की कि वे उन डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के साथ मारपीट न करें जो कोरोना प्रभावित व्यक्तियों के जीवन की रक्षा के लिए अपना कीमती जीवन और समय समर्पित कर रहे हैं।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे देश में कोविड-19 को फैलने से रोकने और उस पर नियंत्रण के लिए एक दूसरे से दूरी बनाए रखने संबंधी दिशा-निर्देशों और क्‍या करें और क्‍या न करें का अनुसरण करें।